CG Dhan Kharidi News 2026: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा मामला सामने आया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत चल रही धान खरीदी के दौरान एक बोरे में निर्धारित मानक से अधिक 35.6 किलोग्राम धान पाए जाने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में इस गंभीर अनियमितता का खुलासा हुआ, जिसके बाद धान खरीदी प्रभारी को तत्काल पद से हटा दिया गया। यह कार्रवाई न सिर्फ लापरवाही पर सख्त संदेश है, बल्कि किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।
Highlights
छत्तीसगढ़ धान खरीदी में बड़ी कार्रवाई, कलेक्टर के निरीक्षण में खुली पोल
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी कड़ी में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, गेरसा में की गई आकस्मिक जांच ने धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता को उजागर कर दिया।
दिनांक 07 जनवरी 2026 को जिले के कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा समिति का औचक निरीक्षण किया गया, जहां विपणन संघ के नए बोरे में भरे धान की नाप-तौल के दौरान मानक से अधिक वजन पाया गया।
एक बोरे में मिला 35.600 किलोग्राम धान
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि फड़ प्रभारी की लापरवाही के कारण एक बोरे में 35.600 किलोग्राम धान भरा हुआ था, जबकि शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार एक बोरे में निश्चित वजन ही स्वीकार्य है।
यह अनियमितता किसानों के हितों और सरकारी व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर मानी जाती है। कलेक्टर अजीत वसंत ने मौके पर ही इसे गंभीर चूक बताते हुए धान खरीदी प्रभारी को हटाने के निर्देश दिए।
धान खरीदी प्रभारी सुमित गुप्ता हटाए गए
कलेक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए समिति द्वारा धान खरीदी प्रभारी सुमित गुप्ता को तत्काल प्रभाव से धान खरीदी कार्य से पृथक कर दिया गया है।
👉 साथ ही समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर देव चरण सिंह को नया धान खरीदी प्रभारी नियुक्त किया गया है, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू और नियमों के अनुरूप संचालित हो सके।
कलेक्टर अजीत वसंत का सख्त संदेश
कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
“धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने जिले की सभी समितियों को निर्देश दिए कि वे निर्धारित मापदंडों और वजन मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
किसानों के हित में सख्त निगरानी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन का यह कदम किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सही तौल और पारदर्शी खरीदी से न केवल किसानों को पूरा मूल्य मिलता है, बल्कि सरकारी धन की भी सुरक्षा होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. धान खरीदी में मानक वजन कितना होता है?
👉 शासन द्वारा प्रति बोरे के लिए निश्चित वजन तय किया जाता है, उससे अधिक या कम वजन अनियमितता मानी जाती है।
Q2. कार्रवाई किस जिले में हुई?
👉 यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के गेरसा समिति में की गई।
Q3. धान खरीदी प्रभारी क्यों हटाए गए?
👉 एक बोरे में 35.6 किलो धान पाया गया, जो निर्धारित मानक से अधिक था।
Q4. नया धान खरीदी प्रभारी कौन बनाया गया?
👉 देव चरण सिंह को नया धान खरीदी प्रभारी नियुक्त किया गया है।
Q5. क्या आगे भी जांच जारी रहेगी?
👉 हां, कलेक्टर ने सभी समितियों में सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।
Disclaimer
यह समाचार विभिन्न प्रशासनिक सूचनाओं एवं आधिकारिक निरीक्षण पर आधारित है। लेख का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है। किसी भी प्रकार की कानूनी या आधिकारिक पुष्टि के लिए संबंधित विभाग की वेबसाइट या अधिसूचना अवश्य देखें।