महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित स्पांसरशिप योजना के अंतर्गत जिले के 403 विशेष देखरेख वाले बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि सीधे बच्चों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से हस्तांतरित की गई है, जिससे पारदर्शिता और त्वरित लाभ सुनिश्चित हो सके।
यह संपूर्ण कार्यवाही कलेक्टर बी.एस. उईके के दिशा-निर्देश एवं अध्यक्षता में संपन्न की गई। योजना के सफल क्रियान्वयन में जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक कुमार पाण्डेय, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी समीर सौरभ तथा जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनिल द्विवेदी का मार्गदर्शन एवं नेतृत्व महत्वपूर्ण रहा।
Highlights
सामाजिक जांच के बाद हुआ पात्र बच्चों का चयन
स्पांसरशिप समिति एवं बाल कल्याण समिति के सदस्यों द्वारा पहले सामाजिक जांच की गई तथा आवश्यक दस्तावेजों का गहन परीक्षण किया गया। इसके पश्चात पात्र पाए गए बच्चों का चयन कर उन्हें योजना से जोड़ा गया।
राज्य बाल संरक्षण समिति, संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग, इन्द्रावती भवन, नवा रायपुर से प्राप्त कुल 38 लाख 36 हजार रुपये की आबंटित राशि के माध्यम से इन 403 बच्चों को नियमित सहायता दी जा रही है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर होगा खर्च
यह सहायता राशि बच्चों की –
- 📚 शिक्षा (कॉपी-किताब, स्कूल शुल्क)
- 🏥 स्वास्थ्य
- 🥗 पोषण
- 👕 आवश्यक कपड़े
- 🛠️ कौशल विकास
- 🧒 बुनियादी जरूरतों
की पूर्ति के लिए दी जा रही है।
योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को दिया जा रहा है जो नियमित रूप से स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत हैं।
शिक्षा विभाग को भेजी गई लाभार्थियों की सूची
जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी लाभार्थी बच्चों की पूरी सूची पते सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित परियोजनाओं को भेज दी गई है।
प्राचार्यों एवं शिक्षकों से अपेक्षा की गई है कि वे –
✔️ राशि के सदुपयोग पर निगरानी रखें
✔️ बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें
✔️ पढ़ाई और विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दें
यह योजना समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
❓ स्पांसरशिप योजना क्या है?
➡️ यह महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना है, जिसके तहत विशेष देखरेख वाले बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
❓ बच्चों को कितनी राशि मिलती है?
➡️ प्रत्येक पात्र बच्चे को 4,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
❓ राशि कैसे दी जाती है?
➡️ सहायता राशि सीधे बच्चों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।
❓ कौन से बच्चे पात्र होते हैं?
➡️ वे बच्चे जो सामाजिक जांच में पात्र पाए जाते हैं और नियमित रूप से स्कूल या आंगनबाड़ी में पढ़ते हैं।
❓ राशि का उपयोग किन कार्यों में किया जा सकता है?
➡️ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कपड़े और अन्य बुनियादी जरूरतों के लिए।
Disclaimer
यह समाचार सरकारी विभागों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। योजना से संबंधित नियमों एवं पात्रता में समय-समय पर बदलाव संभव है। सटीक जानकारी के लिए संबंधित विभाग या आधिकारिक पोर्टल से संपर्क करें।