CG News : CG Teacher Gun Case छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। नशे की हालत में विद्यालय परिसर में बंदूक लेकर पहुंचने के आरोप में एक प्रधान पाठक पर प्रशासन ने कड़ी विभागीय कार्रवाई की है। यह मामला न सिर्फ शासकीय सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और स्टाफ की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
CG Teacher Gun Case क्या है पूरा मामला?
कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी (BEO) प्रतापपुर द्वारा प्रस्तुत विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि शासकीय प्राथमिक पाठशाला मुस्लमानपारा, प्रतापपुर में पदस्थ प्रधान पाठक सुशील कुमार कौशिक के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह प्रमाणित पाए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार,
21 नवंबर 2024 को श्री कौशिक नशे की हालत में बंदूक लेकर शासकीय हाई स्कूल बरबसपुर पहुंचे थे। इस घटना के समय वहां मौजूद संकुल प्राचार्य एवं अन्य शिक्षकों ने प्रत्यक्षदर्शी के रूप में बयान दिए, जिनके आधार पर आरोपों की पुष्टि हुई।
सबसे अहम बात यह रही कि स्वयं सुशील कुमार कौशिक ने इस घटना को स्वीकार भी किया, जिसके चलते विभाग ने आरोपों को प्रमाणित मान लिया।
बंदूक जब्त, पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी प्रतापपुर द्वारा की गई जांच में यह भी सामने आया कि घटना में प्रयुक्त बंदूक को जप्त कर थाना प्रतापपुर में पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है।
जांच के दौरान यह भी उजागर हुआ कि—
- अवकाश के दिनों में भी कौशिक नशे की हालत में विद्यालय आते थे
- उन्होंने बंदूक दिखाकर जान से मारने की धमकी तक दी
- इस कारण विद्यालय में बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया था
सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन
जांच प्रतिवेदन में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि प्रधान पाठक का यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 के प्रतिकूल है।
विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थान पर हथियार लेकर आना और नशे की हालत में धमकी देना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। विभाग ने इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए अत्यंत खतरनाक माना।
क्या कार्रवाई हुई?
सभी आरोप पूर्णतः प्रमाणित पाए जाने के बाद अपचारी शिक्षक सुशील कुमार कौशिक पर निम्नलिखित कार्रवाई की गई—
- दीर्घ शास्ति के रूप में
👉 तीन वार्षिक वेतनवृद्धि संचयी प्रभाव से अवरुद्ध - निलंबन से बहाल किया गया
- नवीन पदस्थापना:
शासकीय प्राथमिक विद्यालय गरजापारा, टमकी,
विकासखण्ड ओड़गी, जिला सूरजपुर - निलंबन अवधि को केवल जीवन निर्वाह भत्ता तक सीमित रखने के आदेश
शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल
यह घटना राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस प्रकार की घटना न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है।
प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई एक कड़ा संदेश है कि शासकीय सेवा में इस तरह के कदाचार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।