(महासमुंद)। राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। एलपीजी गैस सिलेंडर से लदा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन, सड़क पार कर रहे युवक को सीधे रौंदकर निकल गया। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पीड़ित की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह घटना खल्लारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
मृतक की पहचान ओंकारबंद निवासी 40 वर्षीय अशोक कुमार विश्वकर्मा के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अशोक जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग 353 को पार कर रहे थे, तभी गैस सिलेंडर से भरा पिकअप वाहन तेज गति से आया और उन्हें बेरहमी से कुचल दिया। वाहन चालक ने तुरंत ब्रेक नहीं लगाए, जिससे हादसे की भयावहता और बढ़ गई।
Highlights
ग्रामीणों में फैला आक्रोश, किया चक्काजाम
दुर्घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतक के परिजनों से संवाद और न्याय की मांग को लेकर लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने तत्काल उचित मुआवजा और दोषी चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर चक्काजाम कर दिया। इस जाम के चलते दोनों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात ठप्प हो गया।
प्रशासन ने दिखाई तत्परता, प्रदान की तात्कालिक सहायता
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों से बातचीत के बाद, नायब तहसीलदार ने मृतक के परिवार को तत्काल सहायता राशि के रूप में 25,000 रुपये प्रदान किए। इसके बाद ही ग्रामीणों ने चक्काजाम हटाने और राजमार्ग खोलने का फैसला किया।
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, जारी है जांच
खल्लारी थाना पुलिस ने तुरंत मामले की एफआईआर दर्ज कर ली है। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वाहन को जब्त कर लिया गया है और चालक को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जा रही है। पुलिस जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वाहन की गति कितनी थी, क्या चालक नशे की हालत में तो नहीं था और क्या वाहन में लदे गैस सिलेंडर का भार वैधानिक सीमा के अंदर था या नहीं।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस भीषण सड़क हादसा ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग 353 पर भारी वाहनों की बेलगाम गति और सड़क सुरक्षा व्यवस्था के गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को राजमार्ग पर स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग और रोड रेफ्लेक्टर जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं तुरंत मजबूत करनी चाहिए। साथ ही, गैस सिलेंडर जैसे खतरनाक सामान ढोने वाले वाहनों की नियमित जांच और गति पर नियंत्रण जरूरी है।
इलाके में शोक की लहर है। मृतक अशोक कुमार विश्वकर्मा परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी अचानक हुई मौत ने परिवार को सदमे और आर्थिक संकट में धकेल दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।