राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बजट सत्र में बस्तर और रोजगार पर बड़ा बयान | 2026

संसद का बजट सत्र 2026 की शुरुआत के पहले दिन देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के समानित बैठक में अपने अभिभाषण से सभी का ध्यान खींचा। राष्ट्रपति ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, विकास और सामाजिक सुरक्षा पर जोर देते हुए बस्तर जैसे माओवादी प्रभावित इलाकों में सकारात्मक बदलाव का जिक्र किया। अपने भाषण में उन्होंने विकसित भारत जी-राम-जी कानून के तहत गांवों में 125 दिनों की रोजगार गारंटी, भ्रष्टाचार रोकने के उपाय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।

राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट किया कि देश का हर नागरिक अब सशक्त भारत का हिस्सा बन रहा है, और सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बदलाव लाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बजट सत्र में बस्तर और ग्रामीण रोजगार पर किया जोर

संसद का बजट सत्र 2026 का आगाज हो गया है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के समानित बैठक को संबोधित किया और देश के विकास तथा ग्रामीण रोजगार के लिए सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया।

राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को सुनिश्चित करने के लिए विकसित भारत जी-राम-जी कानून लागू किया गया है। इस कानून के तहत गांवों में 125 दिनों की रोजगार गारंटी सुनिश्चित की गई है। यह कानून केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और गबन को रोकने में भी मददगार साबित होगा।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में वृद्धि

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ आज लगभग 95 करोड़ भारतीयों को मिल रहा है। जबकि वर्ष 2014 में केवल 25 करोड़ नागरिकों को इन योजनाओं का लाभ मिलता था। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि देश में सामाजिक सुरक्षा कवरेज में कितना बड़ा विस्तार हुआ है।

बस्तर और माओवाद समस्या

राष्ट्रपति ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में 2000 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है और माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुधार दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सरकार की सक्रिय नीतियों और ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवाद और माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यह भी कहा कि पूरा देश अब माओवादी प्रभावित इलाकों में सकारात्मक बदलाव देख रहा है। उनका मानना है कि विकास, रोजगार और सुरक्षा की योजनाओं से ग्रामीण और दूर-दराज़ क्षेत्रों में स्थिरता आएगी।

राष्ट्रपति का संदेश

राष्ट्रपति का संदेश स्पष्ट था – सशक्त भारत का निर्माण तभी संभव है जब गांव और ग्रामीण क्षेत्र सशक्त हों। उन्होंने कहा कि न केवल रोजगार, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, आतंकवाद और माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण भी देश की प्रगति के लिए आवश्यक है।

महत्वपूर्ण लिंक्स

लिंक का नामविवरणलिंक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की आधिकारिक वेबसाइटराष्ट्रपति के भाषण और अपडेटrashtrapatisachivalaya.gov.in
ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनाMGNREGA की जानकारीnrega.nic.in
सामाजिक सुरक्षा योजनाएँलाभार्थियों की सूची और अपडेटsocialsecurity.gov.in
ऑपरेशन सिंदूर विवरणआतंकवाद और सुरक्षा अपडेटmha.gov.in
बस्तर माओवाद रिपोर्ट 2026सरकार की रिपोर्टbastar.nic.in

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